
🌸 राधा कुंड और श्याम कुंड – ब्रज की सर्वश्रेष्ठ प्रेम भूमि 🌸
1. राधा कुंड और श्याम कुंड का परिचय
ब्रज भूमि में गोवर्धन पर्वत के समीप स्थित राधा कुंड और श्याम कुंड को सम्पूर्ण सृष्टि के सबसे पवित्र तीर्थों में गिना गया है। यह वह स्थल है जहाँ श्री राधा रानी और श्री कृष्ण ने दिव्य प्रेम की लीला की।
राधा कुंड और श्याम कुंड को “प्रेम सरोवर” कहा जाता है क्योंकि यहाँ का जल राधा-कृष्ण के अविभाज्य प्रेम का प्रतीक है।

2. राधा कुंड का इतिहास (Radha Kund History in Hindi)
शास्त्रों में वर्णन आता है कि जब श्री कृष्ण ने अरिष्टासुर का वध किया, तो गोपियाँ कहने लगीं कि “आपने गो-रूप में आए राक्षस का वध किया है, अतः आप अशुद्ध हो गए हैं।”
तब श्रीकृष्ण ने अपने पाँव से भूमि में प्रहार किया और वहाँ श्याम कुंड प्रकट हुआ। फिर श्री राधा रानी ने अपने सखियों के साथ पास में राधा कुंड की रचना की।
बाद में श्रीकृष्ण ने कहा — “जो साधक राधा कुंड में स्नान करेगा, वह मेरे ही नहीं, स्वयं श्री राधा रानी के प्रेम का पात्र बनेगा।”

3. राधा कुंड का महत्त्व (Radha Kund ka Mahatva)
शास्त्रों में कहा गया है —
“यत् तद् राधा कुंडं प्रियतम इहास्येव तद् घातुका”
अर्थात, जैसे श्रीकृष्ण को श्री राधा सबसे प्रिय हैं, वैसे ही उन्हें राधा कुंड सबसे अधिक प्रिय है।
यह कुंड भक्तों को रागानुगा भक्ति के भाव से जोड़ देता है।

4. श्याम कुंड का वैभव (Shyam Kund Darshan)
श्याम कुंड श्रीकृष्ण के दिव्य पुरुषार्थ और वीरता का प्रतीक है। कहा जाता है कि यहाँ स्नान करने से पाप, मोह, अहंकार जैसे दोष नष्ट होते हैं और आत्मा को शांति मिलती है।
हर वर्ष कार्तिक माह की अमावस्या को लाखों श्रद्धालु राधा कुंड स्नान (Radha Kund Snan) करते हैं। इस दिन राधा कुंड और श्याम कुंड में दीपदान का विशेष महोत्सव होता है।

5. राधा कुंड कैसे पहुँचे (How to Reach Radha Kund)
राधा कुंड, गोवर्धन (Govardhan Parikrama Road) पर स्थित है, जो मथुरा (Mathura) से लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर है।
यहाँ पहुँचने के लिए आप Mathura Junction या Vrindavan से बस, टैक्सी या ऑटो से सीधे आ सकते हैं।

6. राधा कुंड यात्रा के दौरान ध्यान देने योग्य बातें
कुंड का जल अत्यंत पवित्र है — इसमें श्रद्धा और भक्ति भाव से ही स्नान करें।
राधा कुंड और श्याम कुंड के चारों ओर परिक्रमा मार्ग है, जहाँ साधक प्रेम भाव से जप करते हुए चलते हैं।
कुंड के समीप “श्री राधा गोपीनाथ मंदिर” और “श्री राधा माधव मंदिर” भी दर्शनीय हैं।

7. राधा कुंड में क्या अनुभव होता है?
जो साधक यहाँ कुछ पल मौन होकर “श्री राधे” नाम का जप करते हैं, उन्हें भीतर से अलौकिक शांति का अनुभव होता है।
यह स्थान केवल एक तीर्थ नहीं — यह प्रेम, भक्ति और आत्मसमर्पण की भूमि है।
